25 अगस्त 2018 - 19:17

इससे पहले भी काबुल में अमेरिकी दूतावास ने अफगानिस्तान के उप राष्ट्रपति जनरल अब्दुर्रशीद दोस्तम की न्यायायिक फाइल की जांच की मांग की थी।

अफ़ग़ानिस्तान की राजधानी काबुल में अमेरिकी दूतावास ने अफ़ग़ान राष्ट्रपति के नाम एक पत्र लिखकर इस देश के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करते हुए मांग की है कि करीम ख़लील को अफ़ग़ानिस्तान की उच्च शांति परिषद से हटाया जाये।

काबुल में अमेरिकी दूतावास के पत्र में आया है कि करीम ख़लील चूंकि शीया हैं और उनका संबंध हज़ारा समुदाय से है इसलिए उन पर भरोसा नहीं किया जा सकता और इस्लामी पार्टी के किसी सदस्य को उनके स्थान पर नियुक्त किया जाना चाहिये।

काबुल में अमेरिकी दूतावास की यह सीधी मांग इस बात की सूचक है कि अफग़ानिस्तान के सुरक्षा मामलों में अमेरिका का गुप्त हस्तक्षेप अब राजनीतिक रूप धारण कर गया है और अब वह खुल्लम खुल्ला अफगानिस्तान के मामलों में हस्तक्षेप कर रहा है। इससे पहले भी काबुल में अमेरिकी दूतावास ने अफगानिस्तान के उप राष्ट्रपति जनरल अब्दुर्रशीद दोस्तम की न्यायायिक फाइल की जांच की मांग की थी।

अब्दुल करीम पहले मुजाहिद रह चुके हैं और वह एक महत्वपूर्ण राजनीतिक व सैनिक हस्ती हैं इसी बात को ध्यान में रखते हुए काबुल में अमेरिकी दूतावास ने उन्हें उनके पद से हटाये जाने की मांग की है।

दूसरे शब्दों में अमेरिका की इस मांग को मुजाहिदों को राजनीतिक मंच से हटाये जाने के प्रयास के परिप्रेक्ष्य में देखा जाना चाहिये। एक अफ़ग़ान सांसद नसरुल्लाह सादिक़ी ज़ादे कहते हैं कि अमेरिकी दूतावास को अफग़ानिस्तान के आंतरिक और न्यायायिक मामलों में हस्तक्षेप का अधिकार नहीं है क्योंकि इस प्रकार का हस्तक्षेप अमेरिका के साथ राजनीतिक मतभेदों में वृद्धि का कारण बन रहा है।

अफ़ग़ानिस्तान के राजनीतिक हल्कों का मानना है कि अमेरिका इस देश को अपने उपनिवेश की दृष्टि से देखता है और इसी कारण काबुल में अमेरिकी दूतावास अफगानिस्तान के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप कर रहा है।

बहरहाल अफ़ग़ान लोगों और समुदायों के मध्य एकता एवं समरसता सफलता का रहस्य है और अमेरिका उसके अंत की चेष्टा में है।